जिले के गद्दोपुर मझवा निवासी लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी सिक्किम में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हो गए। इस दुखद खबर से पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है। 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनके बलिदान की खबर ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गहरा दुख पैदा किया है।
जानकारी के मुताबिक, लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी सिक्किम में ऑपरेशनल गश्त के दौरान एक साथी जवान को नदी में डूबने से बचाने के प्रयास में शहीद हो गए। अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए उन्होंने साथी की जान बचाई, लेकिन खुद को नहीं बचा सके। उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने देश और समाज के लिए एक मिसाल कायम की है।
इस दुखद घटना के कारण मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के कुमारगंज बाजार में आज प्रस्तावित ‘भारत शौर्य तिरंगा यात्रा’ को स्थगित कर दिया गया। यह यात्रा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और भारतीय सेना के वीर जवानों के सम्मान में आयोजित की जानी थी। मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान के नेतृत्व में होने वाली इस यात्रा को रद्द करने का निर्णय शहीद के प्रति सम्मान और शोक व्यक्त करने के लिए लिया गया।
जिले में आज कहीं भी तिरंगा यात्रा का आयोजन नहीं किया जा रहा है।’ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की सफलता के उपलक्ष्य में जनपद में प्रतिदिन तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही थीं। ये यात्राएं भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को सम्मान देने का माध्यम थीं। हालांकि, लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के शहीद होने की खबर के बाद जिले में सभी ऐसी गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है।